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Category Archives: मैनर्स

..तो थोड़ी-थोड़ी पिया करो

फेस्टिव सीजन चल रहा है। मूड भी कुछ एनजॉय करने का है। ऐसे में पीने वाले भला कहां पीछे रहेंगे। डॉक्टर्स और एक्सपर्ट कितना भी कहें थोड़ी-थोड़ी पिया करो, पर जिनकी शाम मय के साथ बीतती है उन्हें इसकी परवाह कहां। पर इतना जान लीजिए कि हर कोई ‘गालिब’ नहीं होता। इसलिए कुछ बातों का ख्याल रखना भी जरूरी है। मसलन क्या पिएं, कितना पिएं, डाइट क्या हो? साथ ही साथ पीने की कुछ तहजीब और सलीका भी है, इसे ही तो कहते हैं पीना इसी का नाम है।
सभी जगह दीवाली से पहले नया कोटा आ गया और ब्रांड्स की भी कोई कमी नहीं है। कुछ जगह तो दीवाली के बाद के लिए भी एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी थी। कुछ बार अलग अंदाज में फेस्टिव सीजन सेलीब्रेट करने जा रहे हैं। मसलन संगीत का मजा और आपकी गैदरिंग के अनुरूप जगह।
पैग 50 एमएल
वैसे बार में पैग के मानक तय हैं स्माल पैग 25 एमएल और लार्ज पैग 50 एमएल का। ध्यान रहे छोटे और बड़े पैग आप अपनी सेहत, उम्र और आदत के अनुसार चुन सकते हैं। इधर बात करें तो सिटी में मैकडाउल, रम, बोदका, जिन, सिगनेचर, रेड बोदका और ब्लंडर्स स्प्राइड, टीचर्स जैंसे ब्राड खूब पसंद किए जा रहे हैं।
तहजीब और सलीका
अब बात पीने पिलाने के सलीके की। कहां पी रहे हैं, किस तरह पी रहे हैं इन बातों का ख्याल रखना भी जरूरी है। ड्रिंक्स लेते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि आप अपनी कैपिसिटी क्रास न करें, यानि ‘अब बस’ कहना आना चाहिए। दूसरी बात, डि्रंक्स लेते वक्त स्मोकिंग कर रहे हैं तो ध्यान दें कि साथ में दूसरे लोग भी बैठे हैं। इससे दूसरे को प्रॉब्लम हो सकती है। अगर पीने के बाद बहक जाने की ‘बीमारी’ है तो भीड़ भाड़ में पीने से बचें और पीने का अंदाज ‘होल्ड द ड्रिंक’ वाला हो, बोले तो ‘हौले-हौले’ ‘आहिस्ता आहिस्ता’।
‘ड्रिंकिंग इज इंज्यूरियस फॉर हेल्थ’ शराब के बावत डाक्‌र्ट्स की पहली राय यही है। यानि जितना हो इससे बचा ही जाए। और जो कहीं पीना ही पडे़ तो कुछ बातों का ख्याल रखें। डॉक्टर के अनुसार ड्रिंकिंग के साथ कुछ रूल्स फालो करेंगे तो शराब का सूरूर तो पूरा मिलेगा ही, इसके साइड इफेक्ट्स कम से कम सामने आएंगे। इस बावत दून हॉस्पिटल के सीनियर फिजीशियन डॉ. केपी जोशी कुछ टिप्स दे रहे हैं, अगर आप पीने पिलाने वालों की कैटगरी में आते हैं तो ये सुझाव खास आपके लिए हैं।
आइडियल पैक्स
डॉ. केपी जोशी बताते हैं कि शराब के 20 एमएल के दो पैग ही लिए जाने चाहिए। इससे ज्यादा शराब का सेवन हार्मफुल होता है और उसके कई साइड इफैक्ट भी सामने आते हैं। वहीं एक शोध में यह बात सामने आई है कि रेड वाइन अगर संतुलित मात्रा में ली जाए तो बुढ़ापे का असर कुछ देर से दिखेगा।
आइडियल डाइट
अगर शराब का सेवन कर रहे हैं तो प्रॉपर डायट लिया जाना जरूरी है। ऐसे में ड्रिं‌र्क्स को प्रोटीनयुक्त डाइट जरूर लेनी चाहिए। ऐसी डाइट लें जिसमें सलाद की पूरी मात्रा हो। नॉन वेजिटेरियन चिकन-मटन यूज कर सकते हैं।
साइड इफेक्ट

जरूरत से ज्यादा शराब पीने से पेट में जलन, गैस के साथ ही उल्टी की प्रॉब्लम हो सकती है। ज्यादा ड्रिंक करने से पेट में अल्सर की भी प्रॉब्लम हो सकती है। इसके साथ ही एल्कोहॉलिक लीवर डिजीज हो सकती हैं।

 
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Posted by on अक्टूबर 20, 2009 in मैनर्स

 

भैया, हम हाथ क्यूं मिलाते हैं!?

हाथ मिलाने की प्रथा कब शुरू हुई? इस बारे में कोई निश्चित प्रमाण नहीं है। हालांकि, साक्ष्य ऐसे भी मिले हैं, जिनसे यह प्रमाणित होता है कि यह प्रथा सदियों पुरानी है। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, हाथ मिलाने की प्रथा की शुरुआत की सर वाल्टर रैले ने। रैले ब्रिटिश कोर्ट में कार्यरत थे और वह समय था लगभग सोलहवीं सदी के आसपास का।
बहरहाल, हाथ मिलाने की इस अनोखी प्रथा से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। मसलन, कहा जाता है कि यदि कोई किसी संक्रामक बीमारी से ग्रसित हो, उनसे हाथ मिलाने से परहेज करना चाहिए। वहीं, मीटिंग में, अभिवादन करने में, बधाई देने के लिए आदि कई अवसरों पर हाथ मिलाने की प्रथा आम है।
विभिन्न संस्कृतियों व देशों में भी यह चलन में है। जैसे, पारंपरिक अमेरिकी लोग जब सार्वजनिक रूप से किसी महिला से हाथ मिलाते हैं, तो वे दाएं हाथ में ग्लव्स जरूर पहने होते हैं। लेकिन किसी समारोह या उत्सव में वे ऐसा नहीं करते। दूसरी तरफ, यूरोप के कुछ देशों में ग्लव्स पहनकर हाथ मिलाने को बैड मैनर्स से जोड़कर देखा जाता है।
गिनीज बुक में हाथ मिलाने को लेकर कई तरह के रिकॉर्ड दर्ज हैं। मेयर जोजफ लैजरो एक ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने एक दिन में 11, 000 लोगों से हाथ मिलाने का रिकॉर्ड दर्ज करवाया। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉ‌र्ड्स में दर्ज हुआ। इससे पहले यह रिकॉर्ड अमेंरिकी राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट के नाम था। उन्होंने एक दिन में कुल 8,513 व्यक्तियों से हाथ मिलाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। गिनीज बुक में साढ़े नौ घंटे तक हाथ मिलाने का अनोखा रिकॉर्ड है, जो आज भी बरकरार है।
अमेरिका में सोल ब्रदर हैंडशेक या यूनिटी हैंडशेक का चलन लगभग साठ के दशक में खूब प्रचलन में था। इसमें अफ्रीकी और अमेरिकी लोग आपस में हाथ मिलाते थे। आज भी यह प्रथा अमेरिका के अलग-अलग प्रांतों में कायम है।

हाथ मिलाने के तरीकों को व्यक्ति की पर्सनैल्टी से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यदि कोई पूरे दमखम या गर्मजोशी से हैंडशेक करता है, तो यह संबंधित व्यक्ति की मजबूत इच्छाशक्ति की ओर संकेत करता है और इसके विपरीत ढीलेपन से हाथ मिलाना कमजोर व्यक्तित्व की निशानी होती है।