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Category Archives: प्रतिभा पाटिल

सुखोई में उड़ान भर राष्ट्रपति ने रचा इतिहास !!

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बुधवार को सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से उड़ान भर कर अपने नाम एक रिकॉर्ड दर्ज करा लिया। रूस निर्मित सुखोई में 30 मिनट की उड़ान भर कर प्रतिभा ऐसा करने वाली किसी भी देश की पहली महिला राष्ट्राध्यक्ष बन गई हैं।

उड़ान के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर लोहेगांव वायुसैनिक अड्डे पर उतरने के बाद प्रतिभा ने पायलट विंग कमांडर एस साजन से हाथ मिलाया और सुविधाजनक उड़ान के लिए उनकी सराहना की।

इसके साथ ही चौहत्तर वर्षीय प्रतिभा ने किसी भी युद्धक विमान में 30 मिनट की यात्रा करने वाली सबसे उम्रदराज महिला का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। अड्डे पर उन्होंने पायलट,च्उच्चाधिकारियों और विमान के तकनीकी स्टॉफ के साथ फोटो खिंचवाए। प्रतिभा के साथ जाने वाले पायलट साजन के पास 3,200 घंटों की उड़ान का अनुभव है।

उड़ान से उतरने के बाद राष्ट्रपति को विश्राम गृह ले जाया गया, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण किया गया। उड़ान भरने के पूर्व राष्ट्रपति को आपातकालीन निर्गमन प्रक्रिया और सुखोई-30 की उड़ान के विभिन्न पहलुओं के बारे में 30 स्क्वॉड्रन ‘राइनोज’ ने संक्षिप्त जानकारी दी।

सुखोई में उड़ान भरने वाली प्रतिभा देश की दूसरी राष्ट्रपति हैं। इसके पहले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने लोहेगांव से ही इसमें उड़ान भरी थी। कलाम की 30 मिनट की उड़ान की गति सुपरसोनिक गति से थोड़ी ही कम थी। सह पायलट की सीट पर बैठीं प्रतिभा ने इसके लिए विशेष ‘जी-सूट’ पहना, जो अत्यधिक गति के दौरान गुरुत्वाकर्षण विरोधी प्रभाव से बचाता है। भारत का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई आठ टन तक वजनी युद्ध सामग्री लेकर एक बार के ईंधन में 3,000 किमी तक की दूरी तय कर सकता है। एक बार हवाई ईधन भर कर यह विमान 5,000 किमी तक की दूरी तय कर सकता है।

सशस्त्र बलों की मुखिया राष्ट्रपति को ले जा रहे विमान के साथ दो और सुखोई विमानों ने उड़ान भरी। लड़ाकू सैनिकों की वेशभूषा और हेलमेट पहने हुईं प्रतिभा का कॉकपिट में दाखिल होने के पूर्व भव्य स्वागत किया गया।

विमान को विंग कमांडर साजन ने 0.9 माच की सबसोनिक गति से उड़ाया, जो 1,000 किमी प्रति घंटा की गति से थोड़ी कम थी। सुपरसोनिक गति का स्तर एक माच :1,236 किमी प्रति घंटा: से शुरू होता है। उड़ान के पूर्व प्रतिभा का चिकित्सीय परीक्षण किया गया, जिसमें फिट साबित होने के बाद उन्हें उड़ान के लिए हरी झंडी मिली।

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