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शहीद् ए आजम सरदार भगत सिंह जी के जन्मदिन पर

27 सितम्बर

कुछ बहरों को सुनाने के लिए एक धमाका आपने तब किया था ,
एसे ही कुछ बहरे आज भी राज कर रहे है,
हो सके तो आ जाओ !!

सरफरोशी की तमन्ना
 
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, 
देखना है ज़ोर कितना बाजू-ऐ-कातिल में है.

करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बात-चीत, 

देखता हूँ मैं जिसे वोह चुप तेरी महफिल में है.
ए शहीद-ऐ-मुल्क-ओ-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार, 
अब तेरी हिम्मत का चर्चा गैर की महफिल में है.
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.

वक्त आने पे बता देंगे तुझे ए आसमान, 

हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है.
खींच कर लाई है सब को क़त्ल होने की उम्मीद, 
आशिकों का आज जमघट कूचा-ऐ-कातिल में है.
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.

है लिए हथियार दुश्मन ताक़ में बैठा उधर, 

और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर.
खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है, 
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.

हाथ जिन में हो जूनून कट ते नही तलवार से, 

सर जो उठ जाते हैं वोह झुकते नही ललकार से.
और भड़केगा जो शोला-सा हमारे दिल में है, 
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.

हम तो घर से निकले ही थे बांधकर सर पे कफ़न, 

जा हथेली पर लिए लो बढ़ चले हैं ये क़दम.
जिंदगी तो अपनी मेहमान मौत की महफिल में है, 
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.

यूं खडा मकतल में कातिल कह रहा है बार बार, 

क्या तमन्ना-ऐ-शहादत भी किसी के दिल में है.
दिल में तूफानों की टोली और नसों में इन्किलाब, 
होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको न आज.
दूर रह पाये जो हमसे दम कहाँ मंजिल में है,

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है. 

देखना है ज़ोर कितना बाज़ुय कातिल में है ||
इंक़लाब जिंदाबाद  


 शहीद् ए आजम सरदार भगत सिंह जी को उनके जन्मदिवस पर सभी मैनपुरी वासीयों की ओर से शत शत नमन |
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12 टिप्पणियाँ

Posted by on सितम्बर 27, 2011 in बिना श्रेणी

 

12 responses to “शहीद् ए आजम सरदार भगत सिंह जी के जन्मदिन पर

  1. रवीन्द्र प्रभात

    सितम्बर 27, 2011 at 11:13 पूर्वाह्न

    “कुछ बहरे आज भी राज कर रहे है,
    हो सके तो आ जाओ !!”

    यही सच है …!

     
  2. Vivek Rastogi

    सितम्बर 27, 2011 at 11:17 पूर्वाह्न

    इंक़लाब जिंदाबाद

     
  3. अजय कुमार झा

    सितम्बर 27, 2011 at 2:00 अपराह्न

    आज भगत सिंह की बहुत जरूरत आन पडी है एक बार फ़िर से इस देश को , और इस बार इन बहरों के कान के पर्दे फ़ाड देने चाहिएं , क्योंकि ये सब कान वाले बहरे हैं

     
  4. चंदन कुमार मिश्र

    सितम्बर 27, 2011 at 3:50 अपराह्न

    अच्छा तो आप भगतसिंह पर बाजी मार ले गये। हम तो रात तक उनपर एक लेख लाने वाले थे। बढ़िया, गीत तो बस …आग है…

     
  5. प्रवीण पाण्डेय

    सितम्बर 27, 2011 at 10:02 अपराह्न

    शहीद को नमन।

     
  6. anshumala

    सितम्बर 27, 2011 at 10:59 अपराह्न

    शहीद् भगत सिंह जी को नमन।

     
  7. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    सितम्बर 27, 2011 at 11:39 अपराह्न

    नमन!!

     
  8. Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार

    सितम्बर 28, 2011 at 2:34 अपराह्न

    आपको सपरिवार
    नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

    -राजेन्द्र स्वर्णकार

     
  9. Indranil Bhattacharjee ........."सैल"

    सितम्बर 29, 2011 at 3:04 अपराह्न

    सच में आज वीरों की ज़रूरत है देश को !

     
  10. Patali-The-Village

    सितम्बर 29, 2011 at 6:04 अपराह्न

    शहीद् भगत सिंह जी को नमन।

     
  11. बी एस पाबला BS Pabla

    सितम्बर 29, 2011 at 10:42 अपराह्न

    कुछ बहरे आज भी राज कर रहे है,
    हो सके तो आ जाओ!!

    सच है

     
  12. राज भाटिय़ा

    सितम्बर 29, 2011 at 11:43 अपराह्न

    शहीद् भगत सिंह जी को नमन। मैने आप का यह ब्लाग पढा नही था, दिल से धन्यवाद!!!

     

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