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एक छोटी सी गुज़ारिश …

13 अप्रैल
आज १३ अप्रैल है … यु तो हम में से काफी लोगो की ज़िन्दगी में इस दिन का कोई न कोई ख़ास महत्व जरूर होगा … किसी का जन्मदिन या फिर किसी की शादी की वर्षगाँठ … कुछ भी हो सकता है … खैर जो भी हो … आप आज उस खास पल को याद जरूर कीजियेगा जिस पल ने आप की ज़िन्दगी को ऐसे हजारो खुशनुमा पल दिए !
बस एक छोटी सी गुज़ारिश है … साथ साथ याद कीजियेगा उन हजारो बेगुनाह लोगो को जिन को आज के ही दिन गोलियों से भुन दिया गया सिर्फ इस लिए क्यों की वो अपने अधिकारों की बात कर रहे थे … आज़ादी की बात कर रहे थे … जी हाँ … आप की रोज़मर्रा की इस आपाधापी भरी ज़िन्दगी  में से मैं कुछ पल मांग रहा हूँ … जलियाँवाला बाग़ के अमर शहीदों के लिए … जिन को आजतक हमारी सरकार ने शहीद का दर्जा भी नहीं दिया जब कि देश को आजाद हुए भी अब ६४ साल हो जायेंगे !!!
अन्दर जाने का रास्ता … तंग होने के कारण जनरल डायर अन्दर टैंक नहीं ले जा पाया था … नहीं तो और भी ना जाने कितने लोग मारे जाते !!

बाग़ की दीवालों पर गोलियों के निशान

यहाँ से ही सिपाहियों ने भीड़ पर गोलियां चलाई थी

हत्याकांड का एक (काल्पनिक) चित्र

शहीद स्मारक

सूचना
जलियाँवाला बाग़ के सभी अमर शहीदों को हमारा शत शत नमन !!

जय हिंद !!


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15 टिप्पणियाँ

Posted by on अप्रैल 13, 2011 in बिना श्रेणी

 

15 responses to “एक छोटी सी गुज़ारिश …

  1. डॉ महेश सिन्हा

    अप्रैल 13, 2011 at 12:41 पूर्वाह्न

    सादर नमन

     
  2. सतीश सक्सेना

    अप्रैल 13, 2011 at 12:42 पूर्वाह्न

    मेरा भी इन शहीदों के प्रति नमन और आपका आभार कि इनकी याद दिलाई !

     
  3. Udan Tashtari

    अप्रैल 13, 2011 at 12:44 पूर्वाह्न

    अमर शहीदों को शत शत नमन

     
  4. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    अप्रैल 13, 2011 at 12:51 पूर्वाह्न

    उस खूनी बैसाखी के शहीदों की स्मृति को नमन!!

     
  5. Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

    अप्रैल 13, 2011 at 5:16 पूर्वाह्न

    जालियाँवाला के शहीदों को नमन!

     
  6. प्रवीण पाण्डेय

    अप्रैल 13, 2011 at 10:03 पूर्वाह्न

    जालियाँवाला के शहीदों को श्रद्धांजलि।

     
  7. खुशदीप सहगल

    अप्रैल 13, 2011 at 10:16 पूर्वाह्न

    मेरा प्रणाम अनाम शहीदों के नाम…

    जय हिंद…

     
  8. जी.के. अवधिया

    अप्रैल 13, 2011 at 12:27 अपराह्न

    देशहित हेतु जलियाँवाला बाग में प्राणों की आहुति देने वाले सहस्त्रों शहीदों को शत् शत् नमन!

     
  9. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण)

    अप्रैल 13, 2011 at 4:30 अपराह्न

    जलियाँवाला बाग के शहीदों को नमन करता हूँ!

     
  10. Rahul Singh

    अप्रैल 13, 2011 at 4:50 अपराह्न

    यह याद कर आजादी के प्रति अपनी जिम्‍मेदारी का एहसास गहराने लगता है.

     
  11. Vivek Rastogi

    अप्रैल 13, 2011 at 8:24 अपराह्न

    जालियाँवाला के शहीदों को नमन!

     
  12. अजय कुमार झा

    अप्रैल 13, 2011 at 9:24 अपराह्न

    उन शहीदों को नमन कि जिनके कारण आज हम आजादी से सोच पा रहे हैं आजादी से जी रहे हैं ।

     
  13. निर्झर'नीर

    अप्रैल 15, 2011 at 5:25 अपराह्न

    अमर शहीदों को शत शत नमन
    जय हिंद !!

     
  14. singhsdm

    अप्रैल 15, 2011 at 5:46 अपराह्न

    शिवम् बहुत मार्मिक पोस्ट लगाई है यार, शुक्रिया ! …..इतिहास हमें वाकई बहुत कुछ सीख देता है बशर्ते हम सीखना तो चाहें.

     
  15. neelima sukhija arora

    अप्रैल 19, 2011 at 2:02 अपराह्न

    सादर नमन

     

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