RSS

अब आपदाओं में भी काम करेंगे फोन

29 जनवरी
वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने एक ऐसी तकनीक ढूंढ निकाली है, जिसके इस्तेमाल से आपदाओं की स्थिति में भी मोबाइल फोन काम करेगा। इस तकनीक के जरिए उन इलाकों तक टावरों के सिग्नल पहुंचाए जा सकेंगे, जहां के टावर काम नहीं कर रहे अथवा किसी आपदा के कारण ध्वस्त हो गए हों।
फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने यह सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिससे मोबाइल टावर नहीं होने पर भी फोन किए जा सकेंगे। यह तकनीक निकटतम टावर से सिग्नल को प्रभावित इलाके तक पहुंचाती है।
इस शोध का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर पॉल गार्डनर ने बताया कि बिना किसी अतिरिक्त हार्डवेयर के आम फोन भी इस सॉफ्टवेयर के जरिए बिना टावर के काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी यह तकनीक सभी के लिए है इसलिए कोई भी सेवा प्रदाता इसका इस्तेमाल कर सकता है।
इस सॉफ्टवेयर के जरिए पिछड़े इलाकों में भी सिग्नल पहुंचाया जा सकेगा। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि बाजार के उपभोक्ताओं तक यह तकनीक कब तक पहुंचाई जा सकेगी।
Advertisements
 
8 टिप्पणियाँ

Posted by on जनवरी 29, 2011 in बिना श्रेणी

 

8 responses to “अब आपदाओं में भी काम करेंगे फोन

  1. ललित शर्मा

    जनवरी 29, 2011 at 8:42 अपराह्न

    Japan me Mo.phone free hai.
    Indiya me hi paise lag rahe hain.
    iskam matalab hai lut machi hai.

     
  2. कविता रावत

    जनवरी 29, 2011 at 8:48 अपराह्न

    बहुत उपयोगी जानकारी …आभार

     
  3. Patali-The-Village

    जनवरी 29, 2011 at 9:05 अपराह्न

    बहुत अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद|

     
  4. anshumala

    जनवरी 29, 2011 at 11:36 अपराह्न

    पर जहा टावर ही टावर है फिर भी आपदा आता ही सबसे पहले फोन ही बंद होता है उसका क्या | मुंबई में कोई ब्लास्ट हो या मुंबई डूब रही हो इस तरह की आपदाओ में तो टावर ठीक ठाक होने के बाद भी फोन बंद हो जाते है क्या इसके लिए कुछ नहीं है | वो भी छोडिये आम दिनों में भी किसी अंडर ग्राउंड या किसी बंद जगह पर जाइये तो नेटवर्क नहीं होता क्या इसके लिए कोई साफ्ट वेयर नहीं बनाया जा रहा है |

     
  5. राज भाटिय़ा

    जनवरी 30, 2011 at 1:11 पूर्वाह्न

    जी यह खबर बिलकुल सही हे, इस मे आप का मोबाईल ही टावर का काम करेगा, यानि आप का मोवाईल आगे संदेश भेजे गा ओर इस तरह से एक लम्बी कडी बनती जायेगी, लेकिन भारत मे यह कडी बनती हे या नही इस बारे पता नही, क्योकि यहां तो भगवान की मर्जी भी नही चलती, बस जुगाड चलता हे यानि चलती का नाम गाडी हे जी.
    धन्यवाद इस सुंदर जानकारी के लिये

     
  6. Rohit Jain

    जनवरी 30, 2011 at 3:09 अपराह्न

    बढ़िया जानकारी !

     
  7. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    जनवरी 30, 2011 at 6:08 अपराह्न

    बचपन से जम्बूद्वीप के निवासी थे बाद में बम्बूद्वीप (टावर नगरी)के नागरिक हो गये.. और आज ख़बर आई कि मोबाईल बिल महंगे होने वाले हैं. क्योंकि घोटाले की राशि की वसूली उपभोक्ता से की जाएगी!! चलिये इमरजेंसी टावर भी देखते हैं.

     
  8. Indranil Bhattacharjee ........."सैल"

    जनवरी 31, 2011 at 7:42 अपराह्न

    बहुत ही उपयोगी जानकारी … इंतज़ार रहेगा इस तकनीक का बाज़ार तक पहुँचने का … मेरे जैसे भू-वैज्ञानिकों के लिए ये उपयोगी है …

     

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: