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एक माइक्रो पोस्ट :- यह कौन चित्रकार है ??

12 नवम्बर
यह कौन चित्रकार है ??
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13 टिप्पणियाँ

Posted by on नवम्बर 12, 2010 in बिना श्रेणी

 

13 responses to “एक माइक्रो पोस्ट :- यह कौन चित्रकार है ??

  1. अन्तर सोहिल

    नवम्बर 12, 2010 at 1:46 अपराह्न

    कोई भी हो जी
    लेकिन चित्र मंत्र-मुग्ध कर देने वाला है। आपके प्रश्न से कभी आध्यात्म की तरफ विचार जाता है तो कभी सुन्दर हाथ की तारीफ करने का दिल करता है।

    प्रणाम

     
  2. ललित शर्मा

    नवम्बर 12, 2010 at 1:49 अपराह्न

    तुलिका कौन?जिसनें भर दिए अनुपम रंग
    शील गुण सौंदर्य सब आन मिले हैं संग ।

    यह कृति सबसे बड़े चित्रकार की है,
    जिसकी कृतियां सर्वत्र बिखरी हुई हैं।

     
  3. गिरीश बिल्लोरे

    नवम्बर 12, 2010 at 2:07 अपराह्न

    पहले बताओ शिवम जी ब्रश कब तक स्थिर रहेगा पानी में
    जस्ट मौज के लिये
    पर अदभुत कल्पना शीलता वाह

     
  4. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण)

    नवम्बर 12, 2010 at 2:37 अपराह्न

    हाथ में तूलिका होनी चाहिए!
    नाम में क्या धरा है?

     
  5. अजय कुमार झा

    नवम्बर 12, 2010 at 2:57 अपराह्न

    हाथों से तो कोई चित्रकारा लग रही हैं शिवम भाई …जो भी हों चित्र तो बेजोड है ही …रंग भरने की तकनीक उससे भी बेजोड है

     
  6. abhi

    नवम्बर 12, 2010 at 5:17 अपराह्न

    अब बिना शक्ल देखे कैसे बता सकते हैं की चित्र्कारा कौन है, लेकिन चित्र बेहद खूबसूरत है..अद्भुत..

     
  7. सतीश सक्सेना

    नवम्बर 12, 2010 at 5:34 अपराह्न

    चिडियों का यह कलरव व्रंदन
    कोयल की मीठी कुहू कुहू ,
    बादल का यह गंभीर गर्जन
    वर्षा ऋतु की रिमझिम रिमझिम
    हर मौसम की रागिनी अलग स्रजनाने वाला कौन ?
    मेघ को देख घने वन में मयूर नचवाने वाला कौन ?

    इस चित्रकार के लिए बहुत पहले एक गीत लिखा था …उसकी यह चार लाइने प्रतिक्रिया स्वरूप दे रहा हूँ ! शुभकामनायें शिवम् जी

     
  8. आशीष मिश्रा

    नवम्बर 12, 2010 at 6:28 अपराह्न

    एक काम करता हूँ पहले इस चित्र को सहेज लेता हूँ………………अनुमति है?
    हाँ तो क्या कह रहे थे आप …………?
    ओह चित्रकार कौन है………………
    ऊऊऊऊऊऊँ याद नहीं आ रहा है…………..?

     
  9. Rudraksh Pathak

    नवम्बर 12, 2010 at 8:52 अपराह्न

    वाह भाई जी क्या पोस्ट की है

     
  10. VICHAAR SHOONYA

    नवम्बर 12, 2010 at 10:24 अपराह्न

    भाई मुझे तो ये बताओ की ये चित्रकार रंग भर रहा है या रंग उतार रहा है. ऊपर से आती हुई मछली रंगीन है और नीचे वाली मछली रंगहीन. चलो जो हो मुझे तो चित्रकार का हाथ पसंद आया. जिसका हाथ इतना सुन्दर है वो पूरे का पूरा कितना सुन्दर होगा.

     
  11. lokendra singh rajput

    नवम्बर 13, 2010 at 2:50 पूर्वाह्न

    kudrat hi hai…

     
  12. मो सम कौन ?

    नवम्बर 13, 2010 at 7:31 पूर्वाह्न

    विचार शून्य बंधु की बात में दम है। नीचे आते आते रंग और रंगीनियां मछलियों से गायब हो रहे हैं, या शायद ट्रांसफ़र हो रहे हैं ब्रश के जरिये।

     
  13. अशोक बजाज

    नवम्बर 13, 2010 at 8:24 पूर्वाह्न

    गजब की कलाकारी

     

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