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पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिन पर विशेष

02 अक्टूबर


प्रधानमंत्री कार्यालय ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत से जुडे़ एक मात्र उपलब्ध दस्तावेज को सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया है। इसके लिए सूचना का अधिकार कानून [आरटीआई] के तहत गोपनीयता बरतने की व्यवस्था का हवाला दिया गया है।

शास्त्री जी की वर्ष 1966 में तत्कालीन सोवियत संघ के शहर ताशकंद में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनकी मौत का रहस्य अब भी नहीं सुलझा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के इंकार के बाद अब शास्त्री जी की मौत से जुड़े इस दस्तावेज को सार्वजनिक करने के लिए केंद्रीय सूचना आयोग के पास अपील की जाएगी। इससे पहले केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने शास्त्री जी की मौत से जुड़ी जानकारी पाने के लिए आरटीआई के तहत दायर याचिका ठुकरा दी थी। उन्होंने माना था कि पूर्व प्रधानमंत्री की मौत से जुड़ा एक दस्तावेज प्रधानमंत्री कार्यालय में है। यह याचिका ‘सीआईएज आई आन साउथ एशिया’ नामक पुस्तक के लेखक अनुज धर ने दी थी। यहाँ यह बताना जरूरी है कि यह वही अनुज धर है जिन्होंने नेताजी सुभाष चंद बोस की गुमशुदगी के रहस्य के विषय में भी काफी शोध किया है और तो और श्री धर के प्रयासों के चलते ही सरकार को बाध्य हो कर मुख़र्जी आयोग को ताइवान जाने की अनुमति देनी पड़ी थी |
फैसले के खिलाफ उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में अपील की थी। इसके जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय की संयुक्त सचिव विनी महाजन ने कहा कि मांगे गए दस्तावेज को आरटीआई की धारा 8 [1] [ए] के तहत गोपनीय रखा जाना सही है।
वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद शास्त्री जी ताशकंद गए थे। वहां पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ उन्होंने वार्ता की थी। दोनों देशों की संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही देर बाद रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी।
यह हम सब के लिए बहुत ही शर्म की बात है के अपने ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री की मौत का कारण जानना इतना कठिन हो रहा है | और तो और यह भी समझ के परे है कि सरकार कौन से कारणों का हवाला दे रही है जिन की वजह से इस मामले को दबाया जा रहा है ‘गोपनीयता बरतने की व्यवस्था’ के नाम पर ??
आज पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिन के अवसर पर मैं सभी मैनपुरी वासीयों की ओर से उनको शत शत नमन करता हूँ |
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13 टिप्पणियाँ

Posted by on अक्टूबर 2, 2010 in बिना श्रेणी

 

13 responses to “पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिन पर विशेष

  1. भारतीय नागरिक - Indian Citizen

    अक्टूबर 2, 2010 at 3:45 अपराह्न

    भारतीयों के लिये अफसोसजनक बातें. शास्त्री जी को नमन…

     
  2. महेन्द्र मिश्र

    अक्टूबर 2, 2010 at 4:04 अपराह्न

    बहुत उम्दा जानकारीपूर्ण आलेख …
    महात्मा गाँधी और लाल बहादुर जी को जयंती अवसर पर शत शत नमन

     
  3. Dr.J.P.Tiwari

    अक्टूबर 2, 2010 at 4:36 अपराह्न

    महात्मा गाँधी और लाल बहादुर जी को जयंती पर शत-शत नमन. बहुत उम्दा आलेख

     
  4. सम्वेदना के स्वर

    अक्टूबर 2, 2010 at 5:35 अपराह्न

    सरकारी बंदिशों के बारे में सरकार जाने.. कई देशप्रेमी इस सच्चे सपूत को याद भी नहीं करते आज के दिन. अच्छा भी है. अगर याद करने लगता देश शास्त्री जी को भी, तो उनको याद करना भी सिर्फ एक फ़ॉर्मेलिटी बनकर रह जाता. शास्त्री जी लोगों के दिल में ज़िंदा रहें, यही बहुत है. श्रद्धान्जलि!!

     
  5. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण)

    अक्टूबर 2, 2010 at 7:38 अपराह्न

    दो अक्टूबर को जन्मे,
    दो भारत भाग्य विधाता।
    लालबहादुर-गांधी जी से,
    था जन-गण का नाता।।
    इनके चरणों में श्रद्धा से,
    मेरा मस्तक झुक जाता।।

     
  6. Mahak

    अक्टूबर 2, 2010 at 9:32 अपराह्न

    यह धरती लालों की जननी ,लालों में लाल समादर थे ,
    छोटे कद में बड़े हुए जो , ऐसे ” लाल बहादुर ” थे

    लाल बहादुर शास्त्री जी को मेरा शत-२ नमन और शिवम जी आपका भी आभार

    महक

     
  7. मनोज कुमार

    अक्टूबर 2, 2010 at 10:25 अपराह्न

    बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
    कोटि-कोटि नमन बापू, ‘मनोज’ पर मनोज कुमार की प्रस्तुति, पधारें

     
  8. सतीश सक्सेना

    अक्टूबर 2, 2010 at 10:39 अपराह्न

    इस महान आत्मा को हार्दिक श्रद्धांजलि !

     
  9. ललित शर्मा

    अक्टूबर 3, 2010 at 9:20 पूर्वाह्न

     
  10. संगीता स्वरुप ( गीत )

    अक्टूबर 3, 2010 at 10:38 पूर्वाह्न

    आज भी उनकी म्रत्यु रहस्य ही बनी हुई है …

    शास्त्री जी को नमन

     
  11. संगीता पुरी

    अक्टूबर 3, 2010 at 7:05 अपराह्न

    बहतु सटीक लिखा आपने .. आभार !!

     
  12. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    अक्टूबर 3, 2010 at 7:51 अपराह्न

    सिवम बाबू..बहुत सराहनीय काम कर रहे हैं आप!! हर घटना,उपलक्ष्य का अनोखा पक्ष आप प्रस्तुत करते हैं..

     
  13. अल्पना

    अक्टूबर 3, 2010 at 8:03 अपराह्न

    बहुत अच्छी प्रस्तुति

     

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