RSS

बस इतना याद रहे ….

22 सितम्बर
जब जब सीमा पर लड़ते हुए या शांति काल में भी आतंकवाद का सामना करते हुए कोई सेन्य अधिकारी शहीद होता है तो अपने पीछे वह छोड़ जाता है बहुत से सवाल …..जिन का जवाब किसी के पास नहीं होता ! जब युद्ध का माहौल हो तो काफी सवाल पैदा ही नहीं होते क्यों की युद्ध तो युद्ध है अगर युद्ध होगा तो जाने तो जानी ही है ………पर शांति काल में मारे गए लोगो या सैनिको का क्या दोष ?? 
खास कर आतंकवाद के शिकार लोगो का …..क्या दोष ??
आप अपने घर में बैठे है …..कोई बाहर वाला ज़बरदस्ती आता है और आप पर और आपके परिवार पर हमला कर चला जाता है ….इस पूरे घटना कर्म में आपकी क्या गलती थी ? कोई नहीं ना !! क्या करेंगे आप ऐसे में ?? 
शायद फिर कभी ऐसा ना होगा यह सोच कर दिल को तसल्ली देंगे …..पर अगर ऐसा बार बार होने लगे तो ?? 
तब तो कुछ ना कुछ करना ही होगा ना !!
ऐसा ही कुछ करने गया हुआ थे यह शेर भी ……..
आज आप से यह सब इस लिए कह रहा हूँ क्यों कि आज एक शहीद का चहेरा दिखा है !!
जब तक नाम को शक्ल नहीं मिलती नाम में वह असर नहीं होता …..पर एक बार जब नाम के साथ कोई शक्ल जुड़ जाए …..कुछ ना कुछ रिश्ते भी जुड़ ही जाते है ! 

ऐसा ही एक रिश्ता जुड़ गया आज शहीद मेजर सुरेश सूरी से ……एक साल पहले आज के ही दिन अपने देश के लिए अपना बलिदान दिया था इस अमर शहीद ने !

मेजर सूरी के बारे में जानने के लिए पढ़े :-

आतंक को करारी चोट :- दैनिक जागरण में छपी खबर |

सुरेश की स्मृति में… :- मेजर गौतम की ३ अक्टूबर २००९ की पोस्ट |
सुरेश की स्मृति में…एक साल :- मेजर गौतम की आज की पोस्ट |
इस के आगे मेरी समझ में नहीं आ रहा क्या कहू ….. बस शत शत नमन करता हूँ ….भारत माँ के इस लाल को …….साथ साथ उन सब को भी जो मेजर सूरी की ही तरह शहीद हुए पर …..जिन से हमारा कोई नाता नहीं जुड़ पाया !
जय हिंद !!
Advertisements
 
10 टिप्पणियाँ

Posted by on सितम्बर 22, 2010 in बिना श्रेणी

 

10 responses to “बस इतना याद रहे ….

  1. राज भाटिय़ा

    सितम्बर 22, 2010 at 6:24 अपराह्न

    हमारी सरकार मै सब चोर बेठे है, इस लिये इन अमर शहीदो के परिवार बाद मै किस स्थिति मै रहते है कोई नही जानना चाहता, ओर इन के हक को भी यह नेता ही डकार जाते है, बहुत सही लिखा आप ने, धन्यवाद

     
  2. VICHAAR SHOONYA

    सितम्बर 22, 2010 at 10:23 अपराह्न

    मिश्रा जी इस पोस्ट के लिए मेरी तरफ से धन्यवाद.

     
  3. Asha

    सितम्बर 23, 2010 at 7:04 पूर्वाह्न

    अच्छी पोस्ट के लिए बधाई \
    आशा

     
  4. ललित शर्मा

    सितम्बर 23, 2010 at 7:06 पूर्वाह्न

    उम्दा लेखन के लिए आभार

    आपकी पोस्ट ब्लॉग4वार्ता पर

     
  5. Mrs. Asha Joglekar

    सितम्बर 23, 2010 at 9:15 पूर्वाह्न

    Major Suri aur unke jaise sare shaaheedon ko naman. Atank wad ko kewal sarkar nahi rok sakt,i janta ko bhee chaukanna rahan hoga.

     
  6. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    सितम्बर 24, 2010 at 12:12 पूर्वाह्न

    किर्तघ्न राष्ट्र हमेसा सहीदों के साथ ऐसा ही सलूक करता आया है…

     
  7. lokendra singh rajput

    सितम्बर 24, 2010 at 1:14 पूर्वाह्न

    ऐसे वीर सैनिकों को कोटिश: नमन। जब तक यह हैं हमें चिंता करने की जरूरत नहीं। लेकिन इन के अधिकारों पर कोई आंच आए तो हमें आवाज बुलंद करनी ही चाहिए। कश्मीर में सेना के विशेष अधिकार समाप्त करने का षड्यंत्र चल रहा है इसका हमें डटकर विरोध करना होगा।

     
  8. ओशो रजनीश

    सितम्बर 25, 2010 at 12:54 पूर्वाह्न

    बढ़िया प्रस्तुति …….

    यहाँ भी आये और अपनी बात कहे :-
    क्यों बाँट रहे है ये छोटे शब्द समाज को …?

     
  9. रवीन्द्र प्रभात

    सितम्बर 25, 2010 at 10:00 पूर्वाह्न

    अच्छी पोस्ट, बढ़िया प्रस्तुति …….ऐसे वीर सैनिकों को कोटिश: नमन।

     
  10. सतीश सक्सेना

    सितम्बर 25, 2010 at 4:55 अपराह्न

    इन बहादुरों को मेरा प्रणाम ! आपको यह पोस्ट लिखने के लिए धन्यवाद !

     

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: