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बु्लंद छत्तीसगढ का द्वितीय वार्षिकोत्सव

04 अगस्त

इस अवसर पर प्रेस के प्रतिनिधियों का भी सम्मेलन रखा गया था। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र पांडे अधिवक्ता अलाहाबाद, डॉ अर्चना पांडे, श्री कौशल तिवारी, श्री ललित शर्मा, तपेश जैन,मनोज पांडे श्री अहफ़ाज रशीद, सुश्री संगीता गुप्ता, फ़िरोज खान,एवं प्रेस प्रति्निधि मौजुद थे। इस अवसर पर अहफ़ाज रशीद, कौशल तिवारी, तपेश जैन,ललित शर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, डॉ अर्चना पान्डेय, संगीता गुप्ता ने अपने विचार प्रगट किए।
 
बुलंद छत्तीसगढ की तरफ़ से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया तथा स्मृति चिन्ह दिया गया। इस अवसर पर पत्रकारिता विषय पर चर्चा हूई।  
 
अंतिम में शाबास इंडिया फ़ेम प्रमोद यादव ने 111 नारियल एक मिनट में मुक्के से फ़ोड़ कर दिखाए। करतल ध्वनि से उनके कार्य को सराहा गया। अंत अहफ़ाज रशीद द्वारा निर्मित, हमर छत्तीसगढ एव नक्सली हिंसा के खिलाफ़ दो छोटी फ़िल्में दिखाई गयी। दोनो फ़िल्में बहुत प्रभावी हैं। कार्यक्रम का समापन कौशल तिवारी जी के आभार प्रदर्शन से हुआ। हम बुलंद छत्तीसगढ के बुलंद भविष्य की कामना करते है। 
( सभी चित्र और जानकारी साभार :- ललित शर्मा जी )
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8 टिप्पणियाँ

Posted by on अगस्त 4, 2010 in बिना श्रेणी

 

8 responses to “बु्लंद छत्तीसगढ का द्वितीय वार्षिकोत्सव

  1. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

    अगस्त 4, 2010 at 6:14 अपराह्न

    बहुत-बहुत सुभकामनाएँ!

     
  2. राज भाटिय़ा

    अगस्त 4, 2010 at 8:23 अपराह्न

    बहुत सुंदर चर्चा , ओर उतने ही सुंदर चित्र भी, सब से अच्छा लगा नारियल फ़ोडना, धन्यवाद

     
  3. सतीश सक्सेना

    अगस्त 4, 2010 at 8:52 अपराह्न

    हमारी तरफ से भी सप्रेम शुभकामनायें !

     
  4. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    अगस्त 4, 2010 at 11:52 अपराह्न

    बुलंद बना रहे अऊर अपने मक़सद को बचाए रखे बुलंद छत्तीसगढ..

     
  5. ललित शर्मा

    अगस्त 5, 2010 at 12:11 पूर्वाह्न

    shukriya- shivam ji

     
  6. देव कुमार झा

    अगस्त 5, 2010 at 1:07 पूर्वाह्न

    वाह, इस प्रकार की पत्र वार्ताएं होती रहनी चाहिये….

     
  7. Smart Indian - स्मार्ट इंडियन

    अगस्त 5, 2010 at 5:34 पूर्वाह्न

    शुभकामनायें!

     
  8. सर्वत एम०

    अगस्त 6, 2010 at 4:51 अपराह्न

    बहुत देर से आया लेकिन आ गया ना! दो दिन कोशिश करके थक गया लेकिन कमेन्ट बॉक्स को क्या दुश्मनी थी यह तो नहीं पता लेकिन उसने कमेन्ट कबूल करने से साफ़ इंकार कर दिया. अब इस समय क्या होगा,यह क्लिक के बाद मालूम होगा.
    छत्तीसगढ़ की वर्षगाँठ पर उम्दा पोस्ट लगाई. तस्वीरों ने तो मज़ा ही ला दिया, खाली कुर्सियां अच्छी लगीं. हम भारतीय, माहिर हैं किसी भी अवसर की अवहेलना के.

     

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