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शरद भाई ( कोकास ) की 22वीं वैवाहिक वर्षगांठ की गिफ्ट

23 मई

शरद भाई यह गिफ्ट क़ुबूल करें !!


अक्सर
परम आदरणीय के ब्लॉग से पता चलता रहता है कि आप एक नया कैमरा खरीदने का विचार बना रहे हो पर अभी तक मन पक्का नहीं कर पाए तो सोचा आज के दिन इस से बढ़िया गिफ्ट आपको क्या दे सकता हूँ , कि कुछ टिप्स आपकी नज़र करू एक बढ़िया कैमरा खरीदने के बारे में !


आपको और भाभी जी को 22वीं वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं और बहुत बहुत बधाइयाँ !!

और यह रहा आप का गिफ्ट :-

समर वैकेशन में अगर आपकी हिल स्टेशन जाने की प्लानिंग है तो साथ में एक अच्छा कैमरा भी ले लें, ताकि वहां की खूबसूरत वादियों में बिताए पलों को आप कैद करके घर ले आएं। लेकिन कैसे खरीदें अच्छा कैमरा?

[स्टेप-1 : समझें तकनीकी पहलू]

बेहतर होगा कि शोरूम में कदम रखने से पहले कुछ टेक्निकल नॉलेज ले लें। ये तकनीकी पेचिदगिया आपको बेहतर कैमरा दिलवाने में मददगार साबित हो सकती हैं।

[अपरचर]

कैमरे के मुंह पर एक एडजस्टेबल ओपनर होता है, जिसके जरिए लाइट लेंस तक पहुंचती है। यह वैसे ही काम करता है, जैसे आंखों में पुतली। जिस तरह कम रोशनी होने पर पुतली फैल जाती है और ज्यादा रोशनी में सिकुड़ जाती है, उसी तरह यह कैमरे में लाइट का कैरियर है। अपरचर और शटर स्पीड दोनों साथ-साथ काम करते हैं। सभी डिजिटल कैमरों में एक एक्पोसजर मोड होता है, जो अपरचर और शटर स्पीड को ऑटोमैटिक कंट्रोल करता है। अपरचर को f-stops में मापा जाता है।

[इमेज सेंसर]

यह एक सेमीकंडक्टर चिप होती है, जो ऑप्टिकल इमेज को इलेक्ट्रिक सिग्नल में कनवर्ट करती है। सेंसर जितना बड़ा होगा, पिक्चर में नॉइज उतना ही कम होगा और क्लिैरिटी ज्यादा। निकॉन के डी-90 में सेंसर का साइज 15.8 एमएम गुना 23.6 एमएम है, जबकि कैनन ईओएस आईडीएस में 30 गुना 24 एमएम। इन दिनों डिजिटल कैमरों में चार्ज कपल्ड डिवाइस और कॉम्प्लीमेंटरी मैटल ऑक्साइड सेमीकंडक्टर (सीएमओएस) यूज किया जाता है। सीसीडी टेक्नोलॉजी सीमोस से ज्यादा एडवास है।

[आईएसओ]

ज्यादातर कैमरे ISO 100 से 3200 को सपोर्ट करते हैं, लेकिन आजकल ISO 50 भी उपलब्ध है। ISO आपके फोटो की क्वालिटी तय करता है। इसका मतलब इमेज सेंसर पर पड़ने वाली लाइट की मात्रा से है। ISO 50 या उससे कम की तस्वीरें ज्यादा साफ होंगी। अगर आप वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के शौकीन हैं और रात के अंधेरे में फ्लैश का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, ऐसे में आप हाई ISO का यूज कर सकते हैं। हालाकि कई कैमरों में ISO Auto का भी ऑप्शन होता है।

[एलसीडी व्यूफाइंडर]

कैमरे के पीछे आप जो एक स्माल स्क्रीन देखते हैं, यही एलसीडी व्यूफाइंडर है। कैमरे के लेंस से ली गई तस्वीरों को यह डिस्प्ले करता है। इसके जरिए पिक्चर के प्रीव्यू के अलावा फोकस, फ्रेम की सेटिंग भी की जा सकती है। इसका इस्तेमाल मेमोरी कार्ड में स्टोर पिक्चर को देखने में भी किया जा सकता है।

[मेमोरी या स्टोरेज कार्ड]

मेमोरी जितनी ज्यादा होगी, उतनी ज्यादा पिक्चर्स स्टोर कर पाएंगे। एक जीबी से 16 जीबी तक के मेमोरी कार्ड बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। अगर आप सीरीयस फोटोग्राफर हैं, तो एक हाई कैपिसिटी का एक्स्ट्रा मेमोरी कार्ड रिजर्व में रख सकते हैं।

[जूम]

ज़ूम लेंस का काम होता है ऑब्जेक्ट को पास या दूर करके दिखाना। जूम दो तरह के होते हैं, डिजिटल और ऑप्टिकल। डिजिटल जूम से तस्वीर का रिजॉल्यूशन कम हो जाता है। वहीं ऑप्टिकल जूम में कैमरा फोकल लेंथ चेंज करता है और तस्वीर की क्वालिटी ज्यादा स्पष्ट होती है। ऑप्टिकल जूम जितना ज्यादा होगा, उतनी दूर की चीजें आप कैमरे में कैद कर पाएंगे। जूम को ङ्ग में मापा जाता है। बाजार में 3ङ्ग से 20ङ्ग वाले डिजिटल कैमरे भी उपलब्ध हैं, जो डी-एसएलआर का मुकाबला करते हैं।

[शटर स्पीड]

कैमरे में जितने वक्त तक ऑब्जेक्ट लाइट इमेज सेंसर पर पड़ रही होती है, उसे शटर स्पीड कहते हैं। अगर आप ताजमहल का फोटो खींच रहे हैं और कैमरा स्टैंड पर फिक्स किया हुआ है, तो 30 सेकेंड तक शटर खोल सकते हैं। वहीं अगर मूवमेंट वाली चीजों की फोटोग्राफ्स लेनी हैं, तो 1/250 सेकंड पर कैमरा सेट करना होगा। भागती हुई ट्रेन की फोटो चाहिए तो 1/1000 सेकंड शटर स्पीड ठीक है।

[स्टेप-2 :] एसएलआर Vs डिजिटल

एसएलआर कैमरों की सबसे बड़ी खूबी है यूज ऑफ मल्टीपल लैंसेज। प्रफेशनल फोटोग्राफर्स के लिए एसएलआर बेस्ट है। एसएलआर चलाने के लिए फोटोग्राफी की बेसिक नॉलेज जरूरी है, एसएलआर में ज्यादातर कंट्रोल आपके हाथ में होता है, इसलिए मैनुअली सेटिंग्स से आप अपनी क्रिएटिविटी दिखा सकते हैं। वहीं डिजिटल कैमरों में फिक्स्ड लेंस होते हैं और पिक्चर की क्वालिटी लेंस पर ही निर्भर होती है। इसके अलावा डिजिटल कैमरों में प्रोसेसर स्पीड स्लो होती है, जबकि एसएलआर में प्रति सेकेंड के हिसाब से फ्रेम्स बना सकते हैं। एसएलआर बूटअप होने में माइक्रोसेकंड का वक्त लेता है, वहीं डिजिटल ज्यादा टाइम लेता है।

[स्टेप-3 :] मेगापिक्सल पजल

शोरूम में दुकानदार आपसे कहेगा कि इसका मेगापिक्सल ज्यादा है, इसलिए इसकी परफॉरमेंस भी बढि़या है। लेकिन एक्सपर्ट के नजरिए से यह बात बेदम है। एक मेगापिक्सल में 10 लाख पिक्सल्स होते हैं, और इन्हें डिजिटल इमेजिंग की रिजॉल्यूशन कैपेबिलिटी में इस्तेमाल किया जाता है। आम भाषा में कहें, तो फोटो कितनी बड़ी होगी, यह पिक्सल पर निर्भर करता है। जितने ज्यादा मेगापिक्सल का कैमरा होगा, वह फोटो में ऑब्जेक्ट की डीटेल उतनी ही ज्यादा पकड़ेगा और जितनी ज्यादा डिटेल होगी, फोटो उतनी ही क्लियर और बड़ी हो सकती है। 8 मेगापिक्सल कैमरे से खींची गई फोटो का एक अच्छा खासा बड़ा पोस्टर साइज प्रिंटआउट निकाला जा सकता है। 2 या 3 मैगापिक्सल कैमरे से ए4 या ए3 साइज का प्रिंट लिया जा सकता है। अगर आपको पोस्टर साइज इमेजेज चाहिए, तो ज्यादा मेगापिक्सल वाला कैमरा आपकी पॉकेट के लिए बेस्ट रहेगा। वहीं अल्बम साइज फोटो प्रिंट्स के लिए 4-5 मैगापिक्सल वाला कैमरा भी आपकी जरूरत पूरी कर सकता है।


आशा है इस लेख से आपको जरूर कुछ ना कुछ लाभ होगा और आप जल्द ही एक नया कैमरा लेने की सूचना हम सब को देगें |

एक बार फिर ……………………………

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9 टिप्पणियाँ

Posted by on मई 23, 2010 in बिना श्रेणी

 

9 responses to “शरद भाई ( कोकास ) की 22वीं वैवाहिक वर्षगांठ की गिफ्ट

  1. M VERMA

    मई 23, 2010 at 5:06 पूर्वाह्न

    गिफ्ट तो बहुत प्यारा दिया

     
  2. दिलीप

    मई 23, 2010 at 7:34 पूर्वाह्न

    badhiya gift poori jaankaari de di camere ki…waise meri ore se bhi shubhkaamnayein

     
  3. राज भाटिय़ा

    मई 23, 2010 at 2:57 अपराह्न

    आप दोनो को 22वीं वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं और बहुत बहुत बधाइयाँ !!
    गिफ़्ट पसंद आया

     
  4. देव कुमार झा

    मई 23, 2010 at 9:57 अपराह्न

    गिफ़्ट और जानकारियों का भण्डार… भई वाह.
    बधैया जी बधैया…

     
  5. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    मई 23, 2010 at 10:51 अपराह्न

    शिवम जी!! आपका जानकारी हमरे एगो दोस्त के बहुते काम आ गया..उनका तरफ से आपको धन्यवाद.. ऊ खुदे कमरा लेने के लिए परेसान थे.. हमको पूछे त हम आपका पोस्टवा पढ़ा दिए उनको.. धन्यवाद एक बार औरो..

     
  6. Babli

    मई 25, 2010 at 12:52 पूर्वाह्न

    आप दोनों को विवाह की वर्षगांठ बहुत बहुत मुबारक हो! हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!

     
  7. singhsdm

    मई 27, 2010 at 7:42 अपराह्न

    शिवम जी
    शरद जी को २२ वीं वैवाहिक वर्षगांठ की बधाई……पाबला जी का लेख तो खैर क्या कहने……! आपको भी धन्यवाद इतनी बढ़िया जानकारी देने का….!

     
  8. शरद कोकास

    मई 29, 2010 at 12:01 पूर्वाह्न

    शिवम भाई, यह गिफ्ट तो सबसे ज़रूरी गिफ्ट है इसलिये कि इस ग्य़ान के बिना तो कैमरा लेना ही बेकार है ।
    मेरा कैमरा खरीदना उस तरह होता जिस तरह किसी स्त्री को नई साड़ी दिलादो और घर के सारे आईने छुपा दो …
    आपकी यह पोस्ट मेरे लिये आईने की तरह ही है ।
    इसे बुक मार्क कर रहा हूँ जैसे ही कैमरा खरीदूंगा इस ग्य़ान से अपने आप को लैस करूंगा ।
    बहुत बहुत धन्यवाद ।

     
  9. शिवम् मिश्रा

    मई 29, 2010 at 1:16 अपराह्न

    शरद भाई,
    नमस्कार !
    आपको गिफ्ट पसंद आई जान बहुत ख़ुशी हुयी………….पर ज़रा गौर करें पोस्ट में जो बाते लिखी गयी है वह आपके कैमरा लेने के पहले लाभदायक होगी नाकि बाद में !! सो थोडा समय और निकाल कर पोस्ट एक बार फिर से पढ़े …..यही विनती है !!
    शेष शुभ |
    आपका अनुज
    शिवम्

     

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