RSS

नहीं रहे एटीएम के जनक – जान शेफर्ड बैरन

21 मई

भारत में जन्मे स्काटिश व्यवसायी जान शेफर्ड बैरन दुनिया को अलविदा कह चुके हैं लेकिन उनके द्वारा अविष्कार की गई एटीएम मशीन स्मृति के रूप में लोगों के दिलो दिमाग में बसी रहेगी। संक्षिप्त बीमारी के कारण बैरन की 84 वर्ष की अवस्था में शनिवार को निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटे और छह पोते पोतियां हैं।

बीते शनिवार को उत्तरी स्काटलैंड में इनवरनेस के रेगमोरे अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। बैरन रोस शिरे में पोर्टमाहोमैक में रह रहे थे। बैरन के अंतिम संस्कार के जानकार एलसडेयर राइंड ने मीडिया को उनके निधन के बारे में जानकारी दी।

उल्लेखनीय बैंकों में टीलर या रोकड़िया रहता है जो पैसे गिनने और ग्राहकों को भुगतान करता है। इसी से प्रेरित होकर बैरन ने एटीएम-आटोमेटेड टैलर मशीन का अविष्कार किया।

1965 में ही उनके दिमाग में आटोमेटिक पैसे के भुगतान करने की मशीन का विचार आया था। वह उस समय प्रिंटिंग कंपनी डे ला रू में कार्यरत थे। उन्हें पैसा निकालने बैंक जाना था लेकिन स्नान करते वक्त काफी देर हो गई, जिसके बाद उनके दिमाग में यह विचार आया था।

वर्ष 2007 में बैरन ने एक साक्षात्कार में कहा था, ‘मेरे दिमाग में यह बात कौंध गई थी क्या ऐसा नहीं हो सकता कि मैं अपना पैसा विश्व या ब्रिटेन के किसी भी हिस्से में आसानी से निकाल सकूं। नकदी के बदले चाकलेट देने वाली मशीन से यह विचार में दिमाग में आया था।’

वर्ष 1967 में लंदन स्थित बैंक में पहली एटीएम स्थापित की गई। उस समय के लोकप्रिय टीवी कलाकार रेग वार्ने एटीएम से पैसा निकालने वाले पहले व्यक्ति बने थे। पिन और विशेष चेक के माध्यम से एटीएम ने पहला भुगतान किया था। इसके कारण प्लास्टिक कार्ड या एटीएम कार्ड से पैसे निकालने के युग का सूत्रपात हुआ। विशेष पिन [निजी पहचान संख्या] से आज पैसे निकालने का काम बहुत ही सरल हो चुका है। पूरे विश्व में यह प्रचलित है।

बैरन का जन्म 1925 में भारत में हुआ था। उनके माता-पिता स्काटिश थे। कैरोलिन मरे से बैरन का विवाह हुआ था। बैरन को आर्डर आफ ब्रिटिश एंपायर [ओबीई] से भी सम्मानित किया गया।

Advertisements
 
8 टिप्पणियाँ

Posted by on मई 21, 2010 in बिना श्रेणी

 

8 responses to “नहीं रहे एटीएम के जनक – जान शेफर्ड बैरन

  1. मनोज कुमार

    मई 21, 2010 at 9:46 अपराह्न

    रोचक जानकारी के इस आलेख के कई किस्से काफ़ी मनोरंजक है
    इसे 22.05.10 की चिट्ठा चर्चा (सुबह 06 बजे) में शामिल करने के लिए लिंक लिया है।
    http://chitthacharcha.blogspot.com/

     
  2. राज भाटिय़ा

    मई 21, 2010 at 10:01 अपराह्न

    बहुत सुंदर जानकारी, धन्यवाद

     
  3. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

    मई 21, 2010 at 11:38 अपराह्न

    श्रद्धांजलि!

     
  4. Udan Tashtari

    मई 22, 2010 at 12:29 पूर्वाह्न

    आभार एटीएम के जनक के विषय में जानकारी देने का.

     
  5. Babli

    मई 22, 2010 at 12:55 पूर्वाह्न

    बहुत अच्छी जानकारी मिली! जान शेफर्ड बैरन को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ! आज उनके वजह से पूरे दुनिया में लोगों को बहुत आसानी और सुविधा हो गयी है पैसे निकालने में !

     
  6. ePandit

    मई 22, 2010 at 10:53 अपराह्न

    जॉन को श्रद्धांजलि जिन के कारण आज लाखों लोग पैसे निकालने के लिये लाइनों और भीड़ के झंझट से बचे हुये हैं।

     
  7. चला बिहारी ब्लॉगर बनने

    मई 23, 2010 at 12:53 पूर्वाह्न

    आवश्यकता आविष्कार का माई है ई बतिया सारा दुनिया मानता है… कम से कम एक दिन के लिए सारा ATM मशीन पर एगो सोक मेसेज आना चाहिए था.. शिवम जी आप एन्सैकलोपेडिया होले जा रहे हैं..

     
  8. Indranil Bhattacharjee ........."सैल"

    मई 23, 2010 at 2:12 अपराह्न

    बहुत रोचक जानकारी मिली! जान शेफर्ड बैरन को मेरी श्रद्धांजलि देता हूँ ! अब जब कभी ATM इस्तमाल करूँगा तो उनकी याद आयेगी !

     

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: